"दर्द छुपाना जरूरी है..." सुमन अग्रवाल "सागरिका" जी आगरा की कलमकार की ग़ज़ल | Gyani Guide साहित्यक मंच
"दर्द छुपाना जरूरी है..." सुमन अग्रवाल "सागरिका" जी आगरा की कलमकार की ग़ज़ल | Gyani Guide साहित्यक मंच रूठे हुए दिल को मनाना भी जरूरी है। दिल से दोस्ती निभाना भी जरूरी है। यूँ तो जिंदगी में गम, निराशा, आसूँ बहुत, नमी आँखों की, दर्द छुपाना भी जरूरी है। वैसे तक़लीफ़, दुख-दर्द तो है बहुत पर, खुश रहने को हँसना-हँसाना भी जरूरी है। बेसबब दिल पर कोई बोझ न हो बस, जिंदगी में जंग को मिटाना भी जरूरी है। तनावग्रस्त जिंदगी करें भी तो क्या करें, अपनों को परेशानी बताना भी जरूरी है। कभी भी कोई अपशब्द बुल जाये तो, गलती पर सिर झुकाना भी जरूरी है। मन को शांति रखने के लिए "सुमन" हमें मंदिर मज़ारे जाना भी जरूरी है। सुमन अग्रवाल "सागरिका" आगरा लेखिका परिचय :- नाम :- सुमन अग्रवाल "सागरिका" पिता का नाम :- रामजीलाल सिंघल माता का नाम :- उर्मिला देवी सिंघल जन्म :- 26 जनवरी निवास स्थान :- आगरा प्रकाशित रचनाएँ :- अनेक पत्र- पत्रिकाओं में निरन्तर सम्मान :- गीतकार साहित्यिक मंच द्वारा श्रेष्ठ ग़ज़लकार उपाधि से सम्मानित, प्रभा मेरी कलम द्व...