क्या आप जानते है कि वैलेंटाइन डे क्यो मनाया जाता है

क्या आप जानते है कि वैलेंटाइन डे क्यो मनाया जाता है



दोस्तों क्या आप जानते हैं कि वैलेंटाइन डे क्यों मनाया जाता है वैलेंटाइन डे आने से एक हफ्ता पहले ही लोगों पर इस की खुमारी चढ़ जाती है लेकिन क्या आपको जानकारी है कि वैलेंटाइन डे क्यों मनाया जाता है तो दोस्तों आज हम यही विषय आपके लिए लेकर आए हैं जिसमें हम आपको बताएंगे कि वैलेंटाइन डे क्यों और किसकी याद में मनाया जाता है और हम जिस तरह आज वैलेंटाइन डे मनाते हैं क्या वैलेंटाइन डे को मनाने का सही तरीका यही है या कुछ और है जिसे हम जानते ही नहीं और हमने खुद ही इसको इस तरह मनाना शुरू कर दिया जो कि संस्कृति और वैलेंटाइन डे के ही खिलाफ है तो आइए दोस्तों शुरू करते हैं आज का विषय है कि वैलेंटाइन डे क्यों मनाया जाता है
दोस्तों लगभग चौदवीं शताब्दी के आसपास यूरोप में एक संत हुए थे जिनका नाम था सेंट वेलेंटाइन वह एक चर्च के पादरी थे हृदय से बहुत दयालु थे इमानदार थे जैसे ही किसी को परेशानी में देखते तो उसकी समस्या को दूर करने के लिए पूरा प्रयत्न करते थे युवाओं से और बच्चों से बहुत ज्यादा प्रसन्न रहते थे लेकिन उन दिनों यूरोप में परिवार व्यवस्था नहीं थी लोग परिवार बनाकर नहीं रहते थे बच्चों के वयस्क होने के बाद बच्चे खुद भी माता-पिता के साथ नहीं रहते थे और अपनी मर्जी से आगे का जीवन तय करते थे और जिस कारण परिवार नहीं बन पाते थे माता-पिता भी इसी कारण बच्चों का ख्याल नहीं रख पाते थे और पुरुष तथा महिलाएं दोनों ही एक से अधिक पुरुषों और महिलाओं से संबंध बनाते थे जिससे की अनेकों बीमारियां उत्पन्न हो जाती थी जो बच्चे वयस्क हो चुके थे या वयस्क होने वाले थे वह अपनी उम्र से पहले ही संबंध बनाते थे जिससे कि गंभीर बीमारियों से खुद को घेर लेते थे इस चीज को देखकर सेंट वेलेंटाइन बहुत परेशान थे एक समय सेंट वेलेंटाइन भारत की यात्रा पर आए और उन्होंने यहां देखा कि लोग यहां परिवार बनाकर रहते हैं जिससे वह एक ही स्त्री से संबंध बनाते हैं और इससे बहुत सारी बीमारियों का खतरा टल जाता है परिवार बनाकर रहने के अनेकों फायदे उन्हें यहां से पता चले जिसमें जैसे कि यदि बच्चों को किसी मार्गदर्शन की आवश्यकता है तो उनके बड़े हर संभव प्रयास करके उनकी सहायता करते हैं यदि बड़े बुजुर्ग अवस्था में इस लायक नहीं है कि वह अपना भरण-पोषण कर सकें या चल फिर सके तो वह बच्चे जो बड़े हो चुके हैं वह उनकी हर संभव मदद करते हैं क्योंकि यह भारत के संस्कारों में था यह देखकर बहुत अच्छा लगा उन्होंने वापस जाकर चर्च में जो युवा शाम के समय आते थे उनको बैठाकर यह चीज बतानी शुरू कर दी कि भारत में परिवार व्यवस्था है और आपको भी परिवार व्यवस्था बनानी चाहिए कुछ युवा इसके फायदे सुनकर उनके पक्ष में आ गए और सेंट वेलेंटाइन ऐसे युवक-युवतियों की शादी करा कर उन्हें परिवार बनाकर देने की सलाह देने । लगे देखते ही देखते अनेकों लोग उनके पक्ष में आ गए और परिवार बनाकर रहने लगे बहुत जल्दी ही सेंट वेलेंटाइन की प्रसिद्धि दूर-दूर तक फैल गयी
उस समय कहां का एक राजा था जिसका नाम था क्लॉडियस जैसे ही उसे सेंड वैलेंटाइन की प्रसिद्धि के बारे में पता चला तो उसे क्रोध आ गया कि मुझसे ज्यादा प्रसिद्ध कोई व्यक्ति कैसे हो सकता है उसने अपने सैनिकों को भेजा कि पता कीजिए कि आखिर सेंड वैलेंटाइन इतने प्रसिद्ध क्यों हो गए तो उनके सैनिकों ने सारी खोजबीन करने के बाद उन्हें जाकर बताया इस सेंट वेलेंटाइन शाम के समय चर्च में परिवार बनाकर रहने की सलाह देते हैं इसके लिए युवक-युवतियों को प्रेरित करते हैं और अनेकों युवक उनके पक्ष में आ गए हैं और उन्होंने परिवार बनाकर रहना भी शुरू कर दिया है इस कारण की प्रसिद्धि दूर-दूर तक फैल गई है क्लॉडियस को लगा कि यह व्यक्ति आने वाले समय में बहुत ज्यादा प्रसिद्ध हो जाएगा और हो सकता है कि आने वाले समय में जनता सेंट वेलेंटाइन को ही अपना राजा मानने लगे इस विचार से घबरा कर लो क्लॉडियस ने आदेश दिया कि तुरंत सेंट वेलेंटाइन को बंदी बना लिया जाए तब सैनिकों ने सेंड वैलेंटाइन को बंदी बनाकर राजा के सामने प्रस्तुत किया राजा ने कहा कि आप लोगों को कहें कि वह परिवार बनाकर ना रहे और जिन लोगों ने परिवार बनाकर उन्हें कि वह परिवार तोड़ दे राजा चाहते थे कि इससे सेंट वेलेंटाइन की प्रसिद्धि खत्म हो जाएगी लेकिन ऐसा करने से मना कर दिया तब क्रोधित होकर क्लॉडियस ने आदेश दिया की सेंट वेलेंटाइन को फांसी पर चढ़ा दिया जाए सैनिकों ने सेंट वेलेंटाइन को फांसी पर चढ़ा दिया और वह दिन था 14 फरवरी
जैसे यह बात आसपास के क्षेत्र में पता चली तो लोग वहाँ एकत्रित होने लगे और संकल्प लिया की आज के दिन को वैलेंटाइन डे के रूप में मनाएंगे और लोगों को सलाह देंगे की सब परिवार बनाकर रहे ताकि बच्चों को बड़ों का मार्गदर्शन मिल सके और बड़ों को बच्चों का साथ मिल सके पूरे हफ्ते को वेलेंटाइन वीक के रूप मेंलोग मनाने लगे और दूर-दूर क्षेत्रों में जाकर वैलेंटाइन के विचारों को और लोगों तक पहुंचाने लगे लेकिन दोस्तों आज के समय में जो युवक युक्तियां जिस तरह से वैलेंटाइन डे मनाते हैं क्या आपको लगता है कि सेंट वेलेंटाइन यही चाहते थे कि नौजवान युवक युवतियां या वह युवक-युवतियों जो अभी ठीक से जवान भी नहीं हुए हैं वह सड़कों पर एक दूसरे के हाथों में हाथ डालकर निकले और माता-पिता को पता भी नहीं उनकी संतान कहां है और वह संतान गंदी हरकतें करें जिसका भुगतान में आगे चलकर भुगतना पड़े क्या यही सेंट वेलेंटाइन चाहते थे नहीं वह यह सब बिल्कुल नहीं चाहते थे यदि आप सच में वैलेंटाइन डे मनाना चाहते हैं तो सेंट वैलेंटाइन के विचारों को सच्चे अर्थों में समझे यदि आप उनके विचारों को नही समझे तो आप वैलेंटाइन डे नहीं मना रहे और जिस तरह का वेलेंटाइन आप मना रहे है वह आप के संस्कारों को नष्ट कर देगा

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