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रक्षाबंधन Best Wishes For Brother And Sister | Gyani Guide

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रक्षाबंधन Best Wishes For Brother And Sister | Gyani Guide  We are miles apart from each other, but are still connected as both of us will remain in each other’s hearts forever. Happy Rakhi, *************** कामयाबी तुम्हारे कदम चूमे और तुम जियो हज़ारो साल, On this Raksh Bandhan bhaiya, make me माला माल ***************** साथ पले और साथ बढ़े हैं हम, खूब मिला बचपन में प्यार, इसी प्यार को याद दिलाने  आया ये राखी का त्यौहार।। - रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं ************** किसी के जख्म पर चाहत की पट्टी कौन बांधेगा अगर बहन नहीं  होगी तो राखी कौन बांधेगा - मुनव्वर राना ******************* ये लम्हा कुछ ख़ास है, बहन के हाथों में भाई का हाथ है, ओ ! बहना तेरे लिए मेरे पास कुछ ख़ास है, तेरे सकून की खातिर मेरी बहना, तेरा भाई हमेशा तेरे साथ है। ********************* साथ पले और साथ बढ़े हैं हम, खूब मिला बचपन में प्यार, इसी प्यार को याद दिलाने  आया ये राखी का त्यौहार।। - रक्षाबंधन की हार्दिक श...

जानिए रक्षाबंधन पर बहने भाई को तिलक क्यों लगाती है | Gyani Guide धर्म-संसार

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जानिए रक्षाबंधन पर बहने भाई को तिलक क्यों लगाती है | Gyani Guide धर्म-संसार  रक्षाबंधन पर आप बचपन से भाई को राखी से पहले तिलक लगाती आई हैं लेकिन क्या आपको पता है कि यह तिलक क्यों लगाया जाता है। क्या है इसका शुभ महत्व.. आइए जानते हैं...  शास्त्रों के अनुसार, लाल चंदन, रोली, सफेद चंदन, भस्म का तिलक लगाना शुभ माना जाता है। यही कारण है कि शुभ कार्य करने से पहले तिलक लगाया जाता है। इसलिए रक्षाबंधन के दिन बहनें अपने भाई को तिलक करती हैं। यह तिलक विजय, पराक्रम, सम्मान, श्रेष्ठता और वर्चस्व का प्रतीक है। तिलक मस्तक के बीच में लगाया जाता है। यह स्थान छठी इंद्री का है। इसका वैज्ञानिक कारण यह है कि अगर शुभ भाव से मस्तक के इस स्थान पर तिलक के माध्यम से दबाव बनाया जाए तो स्मरण शक्ति, निर्णय लेने की क्षमता, बौद्धिकता, तार्किकता, साहस और बल में वृद्धि होती है। राखी का त्यौहार सावन पूर्णिमा के दिन पड़ने के कारण चावल का महत्व बढ़ जाता है। दरअसल, पूर्णिमा के दिन चंद्रमा का बल अधिक होता है और चावल को चंद्रमा की वस्तु माना गया है। चंद्रमा को मन का कारक भी माना गया है। मान...

आज भी जीवित है महाभारत का योद्धा अश्वत्थामा इस शिव मंदिर में रोज़ आता है पुजा करने

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आज भी जीवित है महाभारत का योद्धा अश्वत्थामा इस शिव मंदिर में रोज़ आता है पुजा करने  महाभारत युद्ध के बाद जीवित बचे 18 योद्धाओं में से एक अश्‍वत्थामा भी थे। अश्वत्थामा को संपूर्ण महाभारत के युद्ध में कोई हरा नहीं सका था। कहते हैं कि वे आज भी अपराजित और अमर हैं। लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या वे आज भी जीवित हैं? कुछ लोग भविष्यपुराण का हवाला देकर कहते हैं कि वे कलयुग के अंत में जब कल्कि अवतार होगा तो उनके साथ मिलकर अधर्म के खिलाफ लड़ेंगे। अश्वत्थामा को दुनिया खत्म होने तक भटकने का शाप देने वाले भगवान श्री कृष्ण थे। यह शाप श्री कृष्ण ने इसलिए दिया क्योंकि इसने पाण्डव पुत्रों की हत्या उस समय की थी जब वह सो रहे थे। इसने ब्रह्माशास्त्र से उत्तरा के गर्भ को भी नष्ट कर दिया था। गर्भ में पल रहे शिशु की हत्या से क्रोधित होकर श्री कृष्ण ने अश्वत्थामा को भयानक शाप दिया। अश्वत्थाम के इस घोर पाप का अनुचित लेकिन एक बड़ा कारण था। महाभारत के 18वें दिन ब्रह्मास्त्र का प्रयोग : अठारहवें दिन कौरवों के तीन योद्धा शेष बचते हैं- अश्वत्थामा, कृपाचार्य और कृतवर्मा। इसी दिन अश्वत्थामा ने पांडवों क...

त्वचा पर लाल रंग के खुजली वाले धब्बे यानी Psoriasis (सोरायसिस) का आयुर्वेदिक,घरेलू और कारगर उपचार | Gyani Guide Health Tips

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त्वचा पर लाल रंग के खुजली वाले धब्बे यानी Psoriasis (सोरायसिस) का आयुर्वेदिक,घरेलू और कारगर उपचार | Gyani Guide Health Tips  Psoriasis (सोरायसिस) Psoriasis (सोरायसिस) एक त्‍वचा रोग है। जिसमे आपकी ऊपरी त्वचा के सेल्स को नुक्सान हो जाता हैं और इसके ऊपर एक सख्त खुरदुरी त्वचा आ जाती हैं जो की एक ऐलर्जी की तरह दिखती हैं| यह आपकी चमड़ी पर होने वाली एक बीमारी हैं| इसमें आपकी त्वचा के डैमेज सेल्स के ऊपर एक मोटी त्वचा चढ़ जाती हैं जो की सफ़ेद होती हैं| यह रोग पूरी दुनिया में से सिर्फ दो प्रतिशत लोगो में ही पाया जाता हैं| इसके कारण आपकी त्वचा लाल रंग की हो जाती हैं और उसपर जलन मचने लगती हैं| सोरायसिस एक ऐसी अवस्था है जिसका परिणाम त्वचा पर दिखाई देता है लेकिन वास्तव में यह एक ऐसी स्थिति है जो पूरे शरीर को प्रभावित करती है. इस बीमारी का असर आमतौर पर स्कैल्प, हाथ-पैर, हथेलियों, पांव के तलवें, खोपड़ी,कोहनी या कान के पीछे शुरू होता है. मुख्यतः तीन तरह का होता है सोरायसिस 1. त्वचा पर अनियमित आकार के धब्बे 2. सनसनी, जलन और खुजली के साथ लाल रंग के धब्बे 3. खुजली के साथ शरीर में ...

Free Download श्रीमद भगवत गीता pdf in Hindi | Gyani Guide

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Free Download श्रीमद भगवत गीता pdf in Hindi | Gyani Guide  गीता भारतीय संस्कृति की आधारशिला है । हिन्दू शास्त्रों में गीता का सर्वप्रथम स्थान है । गीता में 18 पर्व और 700 श्लोक है । इसके रचयिता वेदव्यास हैं । गीता महाभारत के भीष्म पर्व का ही एक अंग है । अपने Smart Phone पर फ्री श्री मद भगवत गीता पढ़ने और pdf में download करने के लिए नीचे दिए गये link पर Click करें  Download Link Bhagwat Geeta Pdf In Hindi आज का मनुष्य प्रगतिशील होने पर भी किंकर्त्तव्य- विमूढ़ है । अत: वह गीता से मार्गदर्शन प्राप्त कर अपने जीवन को सुखमय और आनन्दमय बना सकता है । गीता में सम्पूर्ण वेदों का सार निहित है । गीता की महत्ता को शब्दों में वर्णन करना असम्भव है । यह स्वय भगवान कृष्ण के मुखारविन्द से निकली है । स्वयं भगवान कृष्ण इसका महत्व बताते हुए कहते हैं- कि जो पुरुष प्रेमपूर्वक निष्काम भाव से भक्तों को पढ़ाएगा अर्थात् उनमें इसका प्रचार करेगा वह निश्चय ही मुझको (परमात्मा) प्राप्त होगा । जो पुरुष स्वयं इस जीवन में गीता शास्त्र को पढ़ेगा अथवा सुनेगा वह सब प्रकार के पापों से म...

नही रही पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज | Gyani Guide News

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नही रही पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज पूर्व विदेश मंत्रा और भाजपा की कद्दावर नता सुषमा स्वराज का मंगलबार देर रात दिल का दोरा पढ़ने से निधन हा गया । वह 67 वर्ष की थीं । सुषमा स्वराज के परिवार में उनके पति स्वराज कौशल और उनकी बेटी बांसुरी हैं ।  एम्स सूत्रा" ने बताया कि सुषमा को रात करीब 9.35 बजे सीधे एम्स के इमरजंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था, लेकिन करीब 11 बज उनका निधन हा गया । इमरजेंसी में भर्ती होने के दौरान केद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, रक्षा मंत्री राजनाथ सिह, कंद्रोय मंत्री स्मृति ईरानी, प्रकाश जाबढ़कर और नितिन गडकरी उम्हें देखन पहुंचे थे 1 भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा न बताया कि बुधवार सुबह 11 बजे तक सुषमा का पार्थिव शरीर उनके आवास पर अंतिम दर्शना" के लिए रखा जाएगा । इसक बाद दोपहर 12 बजे रपे तीन बजे तक उनका पार्थिव शरीर कायकतांआ' और लोमा' के अंतिम दर्शनों क लिए पाटों मुख्यालय मं रखा जाएगा । दापहर तीन बज से उनकी अतिम यात्रा निकलेगी औंर लाधी राड स्थित शवदाह गृह में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा ।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न सु...

जनिए क्या है धारा "370" और इसके हटने के बाद क्या होंगे बदलाव | Gyani Guide News

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जनिए क्या है धारा "370" और इसके हटने के बाद क्या होंगे बदलाव | Gyani Guide News  क्या है धारा "370" अनुच्छेद 370 भारत के संव‍िधान में 17 अक्‍टूबर, 1949 को शाम‍िल किया गया था। यह अनुच्छेद जम्‍मू-कश्मीर को भारत के संव‍िधान से अलग करता है और राज्‍य को अपना संव‍िधान खुद तैयार करने का अध‍िकार देता है। इस मामले में अपवाद केवल आर्ट‍िकल 1 और खुद 370 को रखा गया है। अनुच्छेद 370 जम्‍मू-कश्‍मीर के मामले में संसद को संसदीय शक्‍त‍ियों से रोकती है। इंस्‍ट्रूमेंट ऑफ एक्‍सेशन यान‍ि आईओए (26 अक्‍टूबर, 1947 को महाराजा हरि स‍िंंह द्वारा दस्‍तखत क‍िए गए संध‍ि-पत्र) के तहत शाम‍िल व‍िषयों पर अगर केंद्र सरकार ने कोई कानून बनाया हो ताे उसे जम्‍मू-कश्‍मीर सरकार से संपर्क के ब‍िना राज्‍य में लागू नहीं कराया जा सकता। अन्‍य मामलोंं मेंं ऐसे कानून लागू कराने के ल‍िए राज्‍य सरकार की सहमत‍ि जरूरी है। इसके तहत जम्मू कश्मीर को एक विशेष राज्य का दर्जा प्राप्त हो गया  और इस विशेष राज्य का दर्जा होने के कारण क्या क्या नियम जम्मू कश्मीर पर लागू थे वो सब नीचे दिया गया है   ...